in

chugalkhor bahu preshan sasural

chugalkhor bahu preshan sasural गलती किसी कि नही गलती सबकी है

ये कहानी है chugalkhor bahu preshan sasural कि एक दिन गुड़िया बहु छत पर कपडे सुखाने जा रही थी तभी देखती है उसके ससुर पढोस वाली आंटी के मुस्कुरा मुस्कुरा कर बात कर रहे होते है।

 

ससुर अरे दामनी जी आज तो बहुत जच रही है ये साडी मे हा
क्या शर्मा जी आप भी बहुत मज़ाकिया है ये तो बहुत सस्ती
साडी है कल ही 200 कि मोल मे से लाई थी अरे बाह आप पर तो ये बड़ी सुन्दर जच ती है ।

 

ये सस्ती साडी बहु सारे बाते सुन लेती है और अपने सास को बताने के लिए जाती है ममी जी ममी जी ससुर जी दामनी आंटी कि सुंदरता कि तारीफ किए जा रहे थे
सास क्या कहाँ तूने ।

 

बहु हा ममी जी और बोल रहे थे हमारे बीबी पे तो महंगी साडी तो मे भी अच्छी नही लगती है और आप तो सस्ती साडी मे भी सुन्दर लगती हो सास इनकी तो सास जा कर अपने पति को कान पकड़ कर नीचे लाती है।

 

chugalkhor bahu preshan sasural

और कान पकड़ कर उठक बैढक करवाती है ससुर अरे उर्मिला को कैसे पता चला जब भी पड़ोसन से बात करता हूँ हमे पनिसमेंट देने आजाती है ये बहु मन मे सोच रही है अरे बाह कितना मज़ा आरहा है ।

 

ससुर जी को उठक बैठक करवाने मे थोड़ी देर बाद अरे बहु किचेन मे सकर खतम हो गई है जा उस भीखारीन दामनी से
सकर मांग कर ला हमेसा वो हमसे कुछ ना कुछ मांगती रहती है।

 

आधा रासन तो उसी के वजह से खतम हो जाता है बहुत अच्छा ममी जी अभी लेकर आती हूँ बहु दामनी आंटी से सकर मांगने जाती है अरे आंटी जी जरा सकर देना और बेटा तुम्हारे ससुर जी कैसे है।

 

chugalkhor bahu preshan sasural

बहु जी आंटी जी आपकी दुआओ से ठीक है बिल्कुल अभी सकर ले कर आती हूँ बहु आंटी जी माँ जी बोल रही थी सकर लेकर आओ उस भीखारन से घर का आधा रासन वही खा जाती है।

 

क्या उसने यैसा कहाँ हमारे बारे मे जी आंटी जी निकल जा मेरे घर से मे नही दे रही कोई सकर वाकर दामनी घर का दरवाजा बंद कर लेती है बहु आंटी जी ससुर जी के लिए चाय बनाने के लिए सकर तो दे दीजिए।

 

दामनी घर का दरवाजा खोल कर सकर दे देती है बाहु हा हा ससुर जी के लिए क्यो नही देंगी सकर गुड़िया ने सकर लेकर घर आती है सास भिखारं ने सकर दिया कि नही बहू।
गुड़िया अरे ममी जी क्या बताऊ ।

 

पहले तो बहुत ड्रामा कर रही थी सकर देने से बोल रही थी नही दूँगी सकर वाकर फिर मैंने कहाँ फिर तो नही पियेंगे चाय तो तुरंत सकर दे दी सास है उपर वाला इस दामनी को तो छोड़ेंगी नही।

 

गुड़िया कि सास पड़ोसन से लड़ने चली जाती है और दोनो मे जम कर लडाई होने लगती है तभी गुड़िया मन मे सोचती है अरे वाह कितना मज़ा आरही है चुंगली खोरी करने मे ससुर ने मन कि बात सुन ली।

 

chugalkhor bahu preshan sasural

ससुर अच्छा तो तुम्ही मेरे सिकायत लगाती हो बहु गुड़िया सिकायत नही ससुर जी में तो बस सच बताती हूँ अपने सासु माँ को ससुर जी बोले में अभी इरशाद को अभी बताता हूँ गुड़िया फिर तो सासु जी को ये भी बता दूँगी।

इसे भी पढ़े

GK Qastion in hindi

Honeygain se data bech kar paisa kamaye

Bewafa shayari  in hindi

Ghamandi ladhki ki stories

Yog se face gora kaise kare

Impossible ko possible kaise kare

Time management kya hota hai

 

कि आप क्या क्या बोलते है पिट पीछे पीछे ससुर जी अरे नही नही बहु इस बात के चुंगली मत करना ठीक है
एक दिन सास और बहु दोनो साडी वाले दुकान पे जाते है
दुकान वाले से सास बोली।

 

अरे भाई साहब कैसे हो आप दुकान वाले वो आंटी जी मेरे बाल सिर्फ पाक गए है मे अभी सिर्फ 30 साल का ही हूँ
सासु माँ अरे बेटा सोरी मे तुम्हारे बाल से पहचान नही पाई
मे कभी कभी कंफिउज़ हो जाती हूँ।

 

कोई बात नही आंटी जी वैसे आज क्या काम है आपको
जी मुझे और मेरी बहु कि साड़िया लेनी थी लेकिन उधार मे
लेकिन आंटी जी अपने पहले ही साड़ियों का 5000हजार उधार ले रखा है।

 

chugalkhor bahu preshan sasural

अरे दे दो ना मैं कौन सा लेकर भागे जा रही हूँ पैसे लेकर
सास साड़िया पसंद कर रही होती है तभी गुड़िया दुकान वाले से चुंगली करने लगती है अरे भाई जी आपको पता है मेरी सास बोल रही थी ये कपड़ा वाला बहुत ही मकार आदमी है

 

दुकान वाला बोला क्या आंटी जी मे मकार हूँ अरे नही बेटा यैसा कब कहाँ मैंने नही बहुत येत्रता हूँ मे नही नही बेटा यैसा कब कहाँ दुकान वाला बोला बस बस आंटी जी अब नही दे रहा उधार जितना पैसा है।

 

उधर सब जमा कर के जाए आप गुड़िया अब आया ना मज़ा बुढ़िया कितना शोपिंग करती है अकेले अकेले सासु गुड़िया से बोली अरे मुझे ये नही समाज रहा इस दुकान दार से किसने बताया ।

 

गुड़िया हा ममी जी पता नही ये सब किसने बताया जरूर पडोस वाली आंटी दामनी कह कर गई होंगी वो भी इस सेल मे साडी लेने आई थी सासु इस दामनी को तो दोनो सास बहु घर आते है।

 

इरशाद अरे गुड़िया जल्दी से कुछ अच्छे डिस बना दो मेरा वो भूखा बॉस पर्मोशन तो देता नही बस घर आजाता है खाने
जी मैं अभी बना देती हूँ सामको जब खाने के लिए आए और बॉस भी खाना खा कर बोला ।

 

chugalkhor bahu preshan sasural

अरे खाना तो बहुत ही मज़ेदार बना है मज़ा ही आगया
Thenk You Boss अच्छा इरशाद तुम अपना parjetetion तो दिखाओ क्या पता मुझे अच्छा लगा तो तुम्हे पर्मोशन दे दु इरशाद parjetetion लेने जाता है।

 

गुड़िया अच्छा बॉस मे ये कह रही थी मेरा पति बोलते है कि आप बहुत भूखड हो खाना खाने घर पे पहुँच जाते हो कोई पर्मोशन वमोशन देते नही जो सेलरी है उसमे से भी खा जाते हो बॉस क्या यैसा कहाँ इरशाद ने।

 

तभी इरशाद हस्ते मुस्कुराते हुवे आता है और बोलता है ये लो बॉस ये है न्यू प्रोजेक्ट आब तो हमारा प्रमोशन हो जायेगा ना बॉस पर्मोशन नही डिमोशन होगा इरशाद क्या क्या क्या बॉस
बॉस ने बोला मे भुखड हूँ सेलरी खा जाता हूँ।

 

इरशाद अरे अरे नही बॉस बॉस वहाँ से चल पढ़ा इरशाद अपने बीबी गुड़िया से बोला ये क्या किया तुमने गुड़िया मैंने तो बस सच कह दिया ससुर जी मन मे सोच रहे है अरे इस बहु के मन मे लोहा पच सकता है लेकिन बात नही।

 

गुड़िया इसमे हमारी कोई गलती नही है आप लोगो को सोच समज कर बोलना चाहिए ना इसे बाद गुड़िया अपने कमरे मे चली जाती है इरशाद लगता है अब इसे स्वख सिखाना पडेगा
माँ जी हा बेटा मेरी भी बहुत सारी चुंगलिया कि है।

 

आगले दिन गुड़िया के बहन निधि उसके घर आति है और बोलती है अरे जीजू दीदी कहा है तुम्हारी बहन तो अपना मेकप किट को छुपा रही है बोल रही थी हमारी बहन आरही है महंगा महंगा मेकप तुम फ्री मे लगती हो।

 

निधि क्या यैसा कहा दीदी ने इरशाद हा बिल्कुल यैसा ही कहाँ जब मे affice के लिए रेडी हो रहा था तब बोल रही थी यैसा निधि अब मे यहाँ कभी नही आऊँगी और चली जाती है तभी गुड़िया अति है।

 

chugalkhor bahu preshan sasural

सुनिए जी मेरी बहन आई थी क्या इरशाद हा आई थी मैंने उसे कहाँ वो अपना मेकप बॉक्स छुपाने मे बिजी है वो
तो बेचारी चली गई गुड़िया क्या अपने उसे बता दिया हा और नही तो क्या अरे नही

 

सास किचेन् मे काम कर रही होती है और गुड़िया जाती है और बोलती है अरे वाह सासु माँ आप तो बहुत फ़ुर्तुलि है मेरी माँ तो कोई काम नही करती थी बस घर मे पड़ी रहती थी और सारा काम मुझसे करवाती थी।

 

सासु जी अच्छा बेटा सास तुरंत जा कर गुड़िया कि माँ को सारी बाते बता देती है गुड़िया कि माँ बोली इतनी बुराई करती है वहाँ जाकर अब तो उसे यहाँ कभी नही आने दूँगी जी जैसी आपकी मर्जी अब आयेगा मज़ा।

 

सासु माँ अरे बहु कितने दिनों से तु घर नही गई जा जाकर घूम कर आजा गुड़िया को सुनकर बहुत खुशी मिली क्या सच मे माँ जी हा हा सच मे गुड़िया अपने माइके जाती है माँ मे आगई माँ आवाज़ देती है रुक अंदर मत अजना।

इसे भी पढ़े

IPL Mech free me kaise dekhe

गुड़िया क्या हुआ माँ / में काम चोर हूँ ना और निधि बोली और मे फ्री का मेकप लगाने आती हूँ ना गुड़िया बोली ये सब किसने कहाँ आपसे गुड़िया कि माँ बोली हमे सब पता है चुप चाप निकल यहाँ से और दुबारा लौट के मत अजना।

 

चुप चाप निकल जाती है और अपने ससुराल जाती है वहाँ इरशाद और उनका पिता शर्मा जी घर से निकाल देते है अब गुड़िया को चुंगली कितना भारी पडा होगा ये बाते हमे comment section मे जाकर comment करे

 

और साथ मे आप नये है तो subscribe करना ना भूले हमारे webside पे अच्छे अच्छे storise आते रहेंगे आप भी देखिये और दूसरे को सेयर कि जिये अपने दोस्त या घर पे अच्छी और सची बात है

 

 

 

Written by Md Gore

Professional Content Writer

One Comment

Leave a Reply

One Ping

  1. Pingback:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ghmandi ladhki ki stories

Bina Reto ko Jage Nasib Nahi Jagta